शहर के इस बाज़ार में अपनी ज़रुरत की चीज़ें खरीदने आते है गाँव ढाणी के ग्राहक.हर नए फेरे में यहाँ दूर देशों की अजब गज़ब चीज़े देखने को मिल जाती है, जिन्हें देखकर विस्मय से खड़ी रह जाती है लालचंद की जोडायत.
आज इस ठिकाने पर लंबे अरसे से आना हुआ है. माफ़ी. सुनते हैं सावण खां से ये राजस्थानी गीत 'हिचकी'. लहज़े में आ रहे सिंधी पुट पर गौर करें और गाने का भरपूर आनंद उठायें.