Friday, March 4, 2011

मुझे एग्जाम से डर लगता है...

कुछ दिन पहले ध्रुव महाशय(छोटे सुपुत्र) नाराज हो गए.कहने लगे स्कूल नहीं जायेंगे चाहे जो कर लो...हमने वजह जाननी चाही तो पता चला थिएटर
के पीरियड में उन्हें 'एग्जाम से बचने के तरीके' पर एक प्ले लिखना और छ बच्चो कि टीम के साथ एक्ट करना है.श्रीमती जी स्कूल के इस कृत्य पर बहुत नाराज हुई.मामला तूल पकड़ता जा रहा था.हमने सोचा हम बीच में नहीं पड़े तो बेचारे प्रिंसिपल और स्कूल की खैर नहीं है.हमने मामला सँभालने के प्रयास करते हुए छोटे मियां से अन्दर की बात पूछी तो पता चला कि साहबजादे क्लास में प्ले पर बड़ी बड़ी हांक आये है.तो क्लास टीचर ने फटाफट एक टीम बना कर नवोदित और भविष्य के शेक्सपीयर को छोटा सा काम दे दिया.अब जब मामला काबू से बाहर हो गया तो स्कूल से छुट्टी करना ही हल नजर आया.तो मैंने एक छोटा सा प्ले बिना किसी तकनीक की जानकारी के लिख कर दे दिया.यह सोच कर कि एक बार मामला रफा दफा हो जाएगा.
क्लास में ध्रुव का प्ले चल निकला.टीचर्स ने शाबासी दी.पर मुझे अच्छा जब लगा जब ध्रुव और उसके दोस्तों ने पात्रों के भावार्थ को न केवल समझा बल्कि बहुत मजे लेकर एक्ट किया.और रात को सोने से पहले ध्रुव ने गुड नाईट किस दिया और कहा -''मेहनत के साथ जाएंगे तो एग्जाम से डर नहीं लगेगा.यानी कि मेहनत लड़की नहीं है...और एग्जाम लड़का नहीं है...बहुत मजेदार प्ले है.आप सबसे अच्छे पापा हो.'' 
चौथी क्लास के बच्चे के मुह से ये शब्द मेरे लिए साहित्य के नोबल पुरस्कार से काम नहीं थे.

मुझे एग्जाम से डर लगता है...

पात्र

मेहनत-नकचढ़ी लड़की 
एग्जाम -मोटा लड़का 
उन्नति - प्यारी लड़की 
श्याम -आलसी लड़का 
ध्रुव-आलसी लड़का 
मोहित-मेहनती लड़का 
अवनीश -मेहनती लड़का 
(क्लास रूम का दृश्य'-एक बेंच पर दो आलसी लड़के बैठे है.लंच ब्रेक के समय में आपस में बात कर रहे है)
श्याम -      तुमने उन्नति का नया विडिओ गेम देखा ?
ध्रुव -        देखा तो नहीं पर पता चला है बहुत शानदार है|
श्याम -     हाँ! पर अफ़सोस उन्नति से बात नहीं कर सकते| वह एगजाम है न ! उससे डर  लगता है| वह बीच में आ जाता है|(निराशा से सांस छोड़ता है)
                              (मोहित आता है)
मोहित-     आज तो मजा आ गया क्या शानदार गेम था! 
               अवनीश-सच्ची...बहुत मजा आया.
ध्रुव-         क्या तुम उन्नति के विडिओ गेम कि बात कर रहे हो?
मोहित-     हाँ!उसने हमें खेलने दिया.
श्याम-       क्या तुम्हे एगजाम से डर नहीं लगा ?क्या एग्जाम वहां नहीं था?
मोहित-    था!उससे डर भी लगा....पर हम मेहनत के साथ गए थे. 
अवनीश-   ...एग्जाम ने कुछ नहीं किया.हमें उन्नति ने वीडियो गेम दिया...और     बस!हम खेलते रहे ...सच में बहुत मजा आया!
ध्रुव-       मेहनत?...मुझे नफरत है उससे !
मोहित-   क्यों?
ध्रुव-       वह बोरिंग है.हमेशा पढने को कहती रहती है...क्लास वर्क करो!होम वर्क करो!लेसन लर्न करो!टेबल्स याद करो...उफ़ बस!
मेहनत-     (क्लास में प्रवेश करती हुई गुस्से में बोलती है)  तो क्या गलत कहती हूँ?क्या        तुम्हे पता नहीं कि तुम यह सब लर्न नहीं करोगे तो कुछ भी बन नहीं सकते.
ध्रुव-      लेकिन मुझे यह सब करना बिलकुल पसंद नहीं है.
मेहनत-  ये सब जरूरी है.अगर तुम सिर्फ वही करते रहे जो तुम्हे पसंद है तो तुम कभी      तरक्की नहीं कर सकते.....तुम डॉक्टर, इंजीनिअर,टीचर या कोई भी सफल इंसान नहीं बन सकते....समझे तुम!
ध्रुव -    मुझे परवाह नहीं!मैं तो उन्नति के पास जाना चाहता हूँ और उसका वीडियो गेम   खेलना चाहता हूँ.बस!
मेहनत-  तो चले जाओ!कौन रोकता है तुम्हे?
ध्रुव-      बस,उस मोटे और भयानक एग्जाम से डर लगता है.हमेशा उसके आस पास रहता   है....और बाई द वे!  जब तुम किसी के साथ होती हो तो वो कुछ नहीं करता!
मेहनत-    हाँ!!..क्योंकि वह मुझसे डरता है.मै हमेशा पूरी तैयारी और लर्न करवाने के बाद ही    किसी को उन्नति से मिलवाती हूँ...एग्जाम उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकता है.

(एग्जाम का प्रवेश..हाथ पाँव फैला कर सीना चौड़ा करते हुए आता है)
एग्जाम-हाय, गाइज..कैसे हो?
(ध्रुव और श्याम डर से कांपने लगे है...)

एग्जाम-    डरो मत बच्चो...!पढ़ाई करो! मेहनत करो!!
         जो बच्चे पढ़ते है और मेहनत करते है (मोहित की तरफ इशारा करता है)उन्हें मैं कुछ    नहीं कहता हूँ.
परन्तु....!

(डर से कांपते ध्रुव और श्याम की तरफ इशारा करते और उन्हें डराते हुए)
जो मेहनत और पढ़ाई नहीं करते उनको मैं कच्चा चबा जाता हूँ......हा  हा हा हा  हा !     . ...समझे!!!
ध्रुव और श्याम-    (डरते हुए)समझ गए...समझ गए...अब हम कभी पढ़ाई से जी नहीं   चुराएंगे...मेहनत करेंगे.
   हमें माफ़ कर दो एग्जाम!

एग्जाम--      ठीक है...!हू हा हा हा हा!!(जोर से हँसता है)
उन्नति -     (वीडियो गेम लेकर कक्षा में आती है)तो बच्चों मेरे  साथ खेलना हो तो खूब  पढ़ाई करना!एग्जाम तुम्हे बिलकुल तंग नहीं करेगा!(हंसती हुई दर्शको को हाथ हिलाती है)

(पर्दा गिरता है)